प्रिंटिंग नियमों का उल्लंघन होने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान|

भोपाल –  निर्वाचन की प्रक्रिया के दौरान देश की अखण्डता को प्रभावित करने वाली, धार्मिक भावनाएँ भड़काने वाली तथा किसी जाति, संप्रदाय, वर्ग और व्यक्ति के विरूद्ध कोई भी व्यक्तिगत बातें न छापने के निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रिंटिंग प्रेस संचालकों एवं मालिकों को दिए गए हैं। निर्देशों में प्रिंटिंग प्रेस संचालकों से कहा गया है कि राजनैतिक प्रचार-प्रसार के लिये पेम्फलेट, पोस्टर, बैनर छापने के पहले लिखित में आवेदन लें और प्रिन्टिंग सामग्री पर मुद्रक, प्रकाशक का नाम और संख्या का अनिवार्यता से उल्लेख किया जायें। ऐसी किसी भी प्रकार की राजनैतिक प्रचार-प्रसार सामग्री न छापी जायें, जिस पर प्रकाशक, संख्या का उल्लेख न हों।
कोई भी व्यक्ति तब तक निर्वाचन पेम्फलेट, पोस्टर मुद्रण या मुद्रित नहीं करवायेगा, जब-तक प्रकाशक की पहचान, घोषणा तथा उनके द्वारा हस्ताक्षरित हों और जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हो, द्वारा सत्यापित न हो।
दस्तावेज मुद्रण के बाद उचित समय पर मुद्रित दस्तावेज की एक प्रति घोषणा की एक प्रति के साथ भेजी जाये। यदि राज्य की राजधानी में दस्तावेज मुद्रित हुआ है, तो मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी तथा जिले के जिले में मुद्रित हुआ है, तो जिला निर्वाचन अधिकारी को मुद्रित दस्तावेज उपलब्ध कराया जाये। निर्वाचन पेम्फलेट, पोस्टर पर धर्म, वंश, जाति समुदाय, भाषा, विरोधी के चरित्र हनन या उसके संबंध में अपील मुद्रित  न की जाये।
नियमों का उल्लंघन होने पर छ: माह का कारावास और 2000 रुपये तक जुर्माना या दोनों से दण्डनीय होगा। प्रिंटिंग प्रेस को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 क (2)  के तहत मुद्रण सामग्री मुद्रित कर तीन दिवस के अन्दर प्रकाशक को भेजना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रिन्टिंग प्रेस का लायसेन्स भी निरस्त किया जा सकता है। किसी भी निर्वाचन पेम्फलेट, पोस्टर के मुद्रण का काम शुरू करने से पहले मुद्रक आयोग द्वारा निर्धारित अनुबंध “क” में धारा 127 क (2) के अनुसरण में प्रकाशक से घोषणा प्राप्त करेगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी या जिला दण्डाधिकारी को, जैसा भी मामला हो, भेजते समय प्रिन्टर द्वारा प्रमाणीकरण किया जायेगा। प्रिन्टर सामग्री मुद्रित करते समय तीन दिवस के अन्दर इसकी चार प्रतियाँ तथा प्रकाशक से प्राप्त घोषणा प्रस्तुत करेगा। मुद्रित सामग्री की घोषणा के साथ प्रिंटिंग कागज और दस्तावेज का ब्यौरा आयोग द्वारा निर्धारित प्रोफार्मा “ख” में देना होगा।

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